खबर प्रकाशन के बाद भी नहीं हुआ असर, एसडीओ के पास मिलनें का नहीं है समय
कार्यों की कब होगी जांच
बिना एस्टीमेट के होता है निर्माण कार्य
उनके क्षेत्र में जितने भी कार्य होते हैं ऐसा लग रहा है वह बिना एस्टीमेट के ही हो जाते हैं क्योंकि हाल का निर्माण कर तो ठीक किंतु पूर्व में निर्माण कार्य या यह कहने की जिनका कार्य पूर्ण हो गया है उसका भी एस्टीमेट ना तो ठेकेदार के पास होता है और ना ही सचिव के पास जब इसे लोढाधार में बने अनुपयुक्त स्थल पर पुलिया के लिए दूरभाष के माध्यम से एस्टीमेट की मांग की गई तो दोनों के पास किसी तरह का एस्टीमेट नहीं मिला आखिर क्या है माजरा।
दिखवाना बना भ्रष्टाचार का बहाना
जिस भी अधिकारी के संज्ञान में बातें लाई जाती है उसके द्वारा सिर्फ यह कहकर बात को टालने की कोशिश की जाती है कि दिखवाते हैं जहां ऐसे उपयंत्री एक के बाद एक घटिया कार्य करवाते हैं वही अधिकारी सिर्फ दिखवाते ही रह जाते और जब तक अधिकारी दिखवाते हैं तब तक कार्य पूर्ण हो जाता है ऐसे दिखवाने का क्या मतलब है।
कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र पर कैसे लगेगा मोहर
जिन घटिया निर्माण कार्य की रूपरेखा इस प्रकार से होगी उसका कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र किस अंदाज पर बनेगा बन भी सकता है जब अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भागने लगे तो कुछ भी संभव हो सकता है यह तो वहां की बात है जहां मौके पर देखा गया पता नहीं और ऐसे कितने क्षेत्र होंगे जहां घटिया निर्माण कार्य को सह दिया जा रहा है।
एसडीओ के पास नहीं है समय
उक्त विषय को लेकर जब सोमवार को एसडीओ जनपद पंचायत जयसिंहनगर के पास जाया गया तो उन्हें ठेकेदार और उपन्यत्रियों से फुर्सत ही नहीं मिला तभी तो उनके द्वारा यह कहा गया कि अभी समय नहीं है जहां घटिया निर्माण कार्य का मुद्दा सुर्खियां बटोर रहा है वही एसडीओ के पास पत्रकारों से मिलने का समय नहीं है।


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