घटना के दौरान मेन रोड पर लंबा जाम लग गया। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खास बात यह रही कि घटना स्थल से कोतवाली थाना महज कुछ दूरी पर होने के बावजूद न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही यातायात कर्मी दिखाई दिए। इससे पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थिति बिगड़ती देख आसपास के स्थानीय युवक मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। काफी देर तक समझाइश के बाद विवाद शांत हो सका। यदि समय रहते स्थानीय लोग हस्तक्षेप नहीं करते तो मामला और गंभीर हो सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की गश्त नजर नहीं आती। सूत्रों के मुताबिक यातायात प्रभारी का मुख्यालय बुढार में होने के कारण शाम के बाद शहर में उनकी मौजूदगी नहीं रहती। बीते दिनों भी ऐसा विवाद कोतवाली के शेर चौक में हुआ था जहां दुकान के अंदर घुस कर मारपीट हुई थी ।
वहीं कोतवाली पुलिस का कहना है कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन तब तक विवाद शांत हो चुका था। दोनों पक्षों को थाने लाकर मामले की जांच की जा रही है।

إرسال تعليق