सामूहिक विवाह सम्मेलन बना अव्यवस्था का अखाड़ा

 शासन प्रशासन की जुगलबंदी भरपाई करनी पड़ी लोगों को



शहडोल(सीतेंद्र पयासी)।मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए चलाई जाती है। इसमें सरकार सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित कर आर्थिक सहायता देती है, ताकि शादी का खर्च कम हो सके। और गरीब परिवार की बेटियों की शादी भी धूमधाम के साथ सम्पन्न हो और परिवार में खुशी का माहौल बना रहे इसी क्रम में शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर में सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन का आयोजन थाना जयसिंहनगर के  खेल मैदान में किया गया था। जिसमें 200 जोड़ो का विवाह सम्मेलन आयोजित किया था, लेकिन यह सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन एक अव्यवस्था का अखाड़ा बन कर रह गया जिसमें जनपद पंचायत मुखिया, पत्रकारों व सम्मेलन में आए हुए परिजनों को कई प्रकार से अव्यस्था का सामना करना पड़ा। जिन जोड़ों की शादियां हुई लोगों की माने तो पूर्व में भी शादी होने के उपरांत भी योजनाओं को बनाया गया खिलौना अधिकारी आखिर किस प्रकार से करते हैं कार्य या लापरवाही आखिर है किसकी।

जनपद पंचायत जयसिंहनगर की अध्यक्ष व जिला पंचायत उपाध्यक्ष को किया गया नजरअंदाज

जनपद पंचायत जयसिंहनगर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में जनपद पंचायत जयसिंहनगर की अध्यक्ष मालती सिंह के साथ उक्त कार्यक्रम में एक अजनबी नेता की तरह व्यवहार की किया गया प्राप्त जानकारी के अनुसार जब जनपद पंचायत जयसिंहनगर के कार्यालय से सामूहिक विवाह सम्मेलन स्थल पर जाने के लिए बरात रवाना हो रही थी उक्त समय पर जनपद पंचायत जयसिंहनगर में लगभग समस्त स्टाफ,जिम्मेदार अधिकारी,जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, लेकिन किसी की नजर जनपद पंचायत के अध्यक्ष के ऊपर नहीं पड़ी जब बारात सम्मेलन स्थल में पहुंची तब जाकर के अधिकारियों को अपनी गलती का अहसास हुआ और आनन फानन में दोनों महिला जनप्रतिनिधो को मनाने की कवायत शुरू हुई जनपद पंचायत जयसिंहनगर के अधिकारी व जनपद पंचायत जयसिंहनगर के उपाध्यक्ष पति के द्वारा दोनों ही महिला जनप्रतिनिधो को मनातें हुए विवाह स्थल तक लेकर के गए लेकिन सोचने वाली बात तो यह है की जिस कार्यालय के सौजन्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था इस कार्यालय के मुख्य जनप्रतिनिधि को नजर अंदाज करना कार्यक्रम अधिकारी के लिए कितनी हद तक सही है या यह किसी साजिश की ओर इशारा करता है।

पत्रकारों की उपेक्षा

जनपद पंचायत जयसिंहनगर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में कहें तो एक औपचारिकता के नाम पर पत्रकारों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन कार्यक्रम स्थल पर न ही बैठने की व्यवस्था की गई और न ही किसी प्रकार से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सामने आकर के कोई स्थिति को स्पष्ट कर पाए।

पानी के लिए तरसते रहे लोग

जनपद पंचायत जयसिंहनगर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचे हुए वर, वधुओं के परिजनों को जनपद पंचायत कार्यालय में पीने के पानी के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी इस तरह की भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा और जिम्मेदार इस विषय से अपना पल्ला झाड़ते हुए नजर आए।

बारात रवान होने से पहले घंटों कड़ी धूप में खड़े रहे वर

जयसिंहनगर जनपद पंचायत में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर पक्ष के लोगों को बारात में शामिल होने के लिए जनपद पंचायत कार्यालय में एकत्रित किया गया था दोपहर करीब 2 बजे समस्त वर को एक लाइन में लगाकर के लगभग 3 बजे तक इंतजार करवाया गया। इस भीषण गर्मी में वर पक्ष के परिजन व छोटे-छोटे बच्चे व महिलाएं भी इस धूप में परेशान हुए सबसे सोचने वाली बात यह है कि जब सभी जिम्मेदारों को यह पता था कि बारात जनपद पंचायत कार्यालय से ही रवाना होगी तो क्या ऐसी भीषण गर्मी व धूप में भी टेंट की व्यवस्था न करवाना क्या कोई उचित है।

शासन की योजनाओं पर भारी पड़ा देवरी का सामूहिक विवाह

न्यू मित्र मंडली द्वारा सामूहिक विवाह ग्राम पंचायत देवरी में किया गया लेकिन प्रशासन के इतना खर्च करने के बावजूद भी वह व्यवस्था लोगों को नहीं मिल पाई जो वास्तव में लोगों को मिलनी चाहिए सिर्फ अधिकारियों द्वारा अपनी औपचारिकता दिखाते हुए नजर आए आखिर शासन की यह योजना कहां तक कारगर है इसकी होनी चाहिए जांच कहानी अपने आप ही आएगी सामने।

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