इन पौधों का रोपण नगर पालिका द्वारा मॉडल सड़क परियोजना के तहत किया गया था। ऐसी परियोजनाओं में पौधारोपण के साथ नियमित सिंचाई और देखभाल अनिवार्य मानी जाती है। वर्तमान में गर्मी का मौसम जारी है, ऐसे में पौधों के संरक्षण के लिए अतिरिक्त पानी और निगरानी की आवश्यकता और बढ़ जाती है। इसके बावजूद डिवाइडर में लगे पौधों का सूख जाना यह दर्शाता है कि आवश्यक स्तर पर रखरखाव सुनिश्चित नहीं किया गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर नियमित सिंचाई और निगरानी की व्यवस्था की जाती, तो पौधों की यह स्थिति नहीं बनती।
नागरिक अब नगर पालिका प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया जाए, सूख चुके पौधों को हटाकर नए पौधे लगाए जाएं और उनकी नियमित देखभाल की जवाबदेह व्यवस्था लागू की जाए। यह मांग इसलिए उठ रही है ताकि मॉडल सड़क की मूल पहचान बनी रहे, शहर की हरियाली सुरक्षित रहे और सार्वजनिक संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो इस प्रकार की परियोजनाएं केवल कागजी उपलब्धि बनकर रह जाएंगी।

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