उपयंत्री मनोज शुक्ला के क्षेत्र में गुणवत्ता विहीन कार्य का बोलबाला
स्टीमेट कें बिना निर्माण कार्य
कहनें के लिए तो जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत जितने भी कार्य संपादित होते हैं उनके लिए एक एस्टीमेट तैयार किया जाता है जिसके आधार पर कार्य होना सुनिश्चित किया जाता है, किंतु मनोज शुक्ला जैसे उपयंत्री बिना एस्टीमेट के ही कार्य को अंजाम देने में माहिर होते हैं, तभी तो कार्यस्थल पर किसी प्रकार का स्टीमेंट का न मिलाना यह साफ जाहिर करता है कि इनके द्वारा किस प्रकार से कार्य में लापरवाही बरती जाती है। शायद वह यह नहीं चाहते कि किसी को भी उस काम के लागत राशि एवं उससे जुड़े अन्यत्र ब्यौरो के बारे में किसी को पता चले तभी तो कार्य स्थल स्टीमेट उपलब्ध नही होतें। जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत कब तक शासकीय राशि का लगातार दुरुपयोग होता रहेंगा। इन उपयंत्रियों के माध्यम सेआखिर इन पर कब लगेगी लगाम। कार्यस्थल पर ही नहीं बल्कि जब इनके क्षेत्रांतर्गत किसी कार्य का बिल लगवाया जाता है तो उसका भी जांच होना जरूरी है तभी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो पाना मुनासिब होगा।
उपयंत्री और सचिव की मिली भगत
मनोज शुक्ला उपयंत्री जनपद पंचायत जयसिंहनगर द्वारा ईमानदारी का पिटारा बजाया जाता है पर उनके क्षेत्र में उनकी ईमानदारी इस कदर झलकती है कि इनके द्वारा संबंधित पंचायत के सचिव के साथ मिलकर गुणवत्ता विहीन कार्य को किस अंदाज से निर्माण कराते हैं इनके किसी एक काम का नहीं बल्कि जितने भी कार्य हुए हैं अगर उनकी जांच की जाए तो स्पष्ट होने में जरा भी समय नहीं लगेगा वैसे तो मनोज शुक्ला जैसे अप यांत्रियों पर अधिकारियों की विशेष नजर होनी चाहिए पर क्या ऐसा है नहीं अधिकारी भी इनके ताल में ताल मिला रहे है इस बाउंड्री वाल के निर्माण कार्य पर अधिकारी कार्यवाही करेंगे या फिर उसका हिस्सा बनेंगे।
जिले के अधिकारी नहीं देते ध्यान
जिला पंचायत शहडोल में उच्च अधिकारी के होते हुए भी जनपद पंचायत जयसिंहनगर के क्षेत्र में घटिया निर्माण कार्य समाचार पत्रों में अपनी सुर्खियां बटोरने में कसर नहीं छोड़ते उसके बाद भी जिला पंचायत शहडोल के अधिकारियों को नहीं दिखता जब अधिकारी ही लापरवाह हो जाए तो क्षेत्र में घटिया निर्माण कार्य होना लाजमी है फिर चाहे वह पथतेरिया टोला, अमझोर या पहड़िया हो। जहां पर गुणवत्ता विहीन कार्य खबरों में अपनी अहमियत दिखाते नजर आ रहें हैं और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आते हैं।
एसडीओ की भूमिका संदिग्ध
जनपद पंचायत जयसिंहनगर के एसडीओ का जवाब नहीं इनके द्वारा तो ज्यादातर समय क्षेत्र में बिताया जाता है उसके बाद भी गुणवत्ता विहीन कार्य क्षेत्र में संचालित है इनके क्षेत्र से लगातार गुणवत्ता विहीन कार्य की आवाज में गूंजती नजर आ जाती है जबकि एसडीओ जनपद पंचायत जयसिंहनगर से कार्य के साथ पोर्टल तक की बातों को मौखिक रूप से रखा गया। पर साहब उन पर ध्यान न देकर बल्कि क्षेत्र घूमते रहते हैं लग तो ऐसा रहा है कि साहब सिर्फ वाहन में तेल जलाने का काम करते हैं मगर उनके क्षेत्र में घटिया काम रुक ही नहीं रहा तो फिर क्षेत्र में भ्रमण का आडंबर क्यों एसडीओ साहब उपयंत्री के साथ मिलकर गुणवत्ता विहीन कार्य को अंजाम देने में जरा भी संकोच नहीं कर रहे। इस पर जिले के अधिकारियों को कड़ा रूख अपनाना चाहिए क्योंकि जिस राशि का दुरुपयोग किया जाता है वह प्रशासन का है।

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