सूचना अधिकार अधिनियम का उड़ाया जा रहा मजाक

आवेदक को अन्यत्र व्यक्ति के माध्यम से दी जा रही धमकिया 


शहडोल(सीतेंद्र पयासी)। विकासखंड जयसिंहनगर अंतर्गत बालिका छात्रावास रमसा बनसुकली में सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत जानकारी चाही गई। जिस पर लोक सूचना अधिकारी द्वारा आवेदक को लगातार गुमराह किए जाने का प्रयास किया गया। जिस पर आवेदक द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद शिक्षा केंद्र को आवेदन कर जानकारी दिलाने के लिए प्रार्थना किया गया, किंतु प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद शिक्षा केंद्र जयसिंहनगर के द्वारा तरह-तरह के पत्र जारी कर कभी यह कहा गया कि जानकारी धारा 8 एवं 9 के तहत है जबकि चाही गई जानकारी शासकीय संपत्ति से संबंधित था जिसका वंदरबाट लोक सूचना अधिकारी बालिका छात्रावास रमसा बांसुकुली द्वारा किया गया। इसीलिए तो उनके द्वारा जानकारी देने में आनाकानी की गई। उसके बाद भी आवेदक द्वारा राज्य सूचना आयोग में द्वतीय अपील कर जानकारी प्रदाय करने के गुहार लगाई गई जिस पर राज्य सूचना आयोग द्वारा संबंधित लोक सूचना अधिकारी को पत्र जारी कर भोपाल में उपस्थित होने को कहा गया लेकिन लोक सूचना अधिकारी द्वारा उनके आदेशों की भी अवहेलना की गई। जिसके बाद लोक सूचना अधिकारी द्वारा आवेदक को पत्र जारी किया गया, जिसमें 20 पेज जानकारी संबंधी बताया गया किंतु जब पोस्ट ऑफिस के माध्यम से आए हुए लिफाफे को खोला गया तो उसमें महज 5 पेज ही सदा वह भी क्रॉस कर उपलब्ध कराया गया था। जिसका आवेदक द्वारा पत्र खोलने से पहले वीडियो बनवाया गया। पहले तो लोग सूचना अधिकारी द्वारा अपना जोर लगाते हुए यहां वहां से सिफारिश करवा कर मामले को दबाने की कोशिश की गई किंतु जब आवेदक नहीं माना तो उनके द्वारा दूसरें कें माध्यम यह कहा गया कि हम थाने में महिलाओं को भेज कर शिकायत पंजीबद्ध करवाएंगे। जिसकी आवेदक द्वारा आडियों रिकार्डिंग कर लिया गया था। क्या किसी भी व्यक्ति द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगना गलत है और अगर गलत है तो फिर लोगों को न्याय मिलेगा कैसे यही नहीं बल्कि जब इस बात की शिकायत सहायक आयुक्त शहडोल से लिखित रूप में की गई किंतु आज तक कार्यवाही शून्य दिखाई दे रही है।

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